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रविवार, 31 मई 2020

जितना मर्ज़ी AC चलाओ, बिल आएगा कम बस करना होगा ये काम, बहुत आसान tips

जितना मर्ज़ी AC चलाओ, बिल आएगा कम बस करना होगा ये काम, बहुत आसान  tips
गर्मी से बचने के लिए लोग AC का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं. लेकिन लम्बे समय तक AC के चलने से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है. यहां हम आपको कुछ खास ऐसे टिप्स बता रहे हैं जो AC चलाते समय बिजली की बचत कर सकते हैं.
इ समय देश में गर्मी काफी तेजी से बढ़ रही है. लॉकडाउन की वजह से लोग अपने-अपने घरों में है. गर्मी के मौसम में AC (एयर कंडिशनर) ही राहत दिला सकता है. गर्मी से बचने के लिए लोग AC का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं. लेकिन लम्बे समय तक AC के चलने से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है. आइए में यहां हम आपको कुछ खास ऐसे टिप्स बता रहे हैं जो AC चलाते समय बिजली की बचत कर सकते हैं.
22- 24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें AC का तापमान
AC चलाते समय तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने पर बिजली की बचत होती है. आपको बता दें की AC  के लिए 24 डिग्री सेल्सियस को एक आदर्श तापमान माना गया है. आप AC को ऑटो मोड पर सेट करें जिससे AC में लगे थर्मोस्टेट की मदद से वह पहले कमरे के तापमान को चेक करता है और जब तापमान एक सही लेवल पर पहुंच जाता है जिसके बाद कंप्रेसर को बंद हो जाता है.
AC की सफाई है बेहद जरूरी

  1. AC जितना साफ़ होगा उतनी ही बेहतर कूलिंग मिलेगी, लेकिन अगर AC का फिल्टर गन्दा हुआ तो हवा को फ़िल्टर के अंदर जाने वाले बाहर निकलने में काफी ताकत लगानी पड़ती है, ऐसे में कम्प्रेसर का काम बढ़ जाता है और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है.

AC के साथ पंखा जरूर चलायें
AC चलाते समय पंखा जरूर चालू रखें, ऐसा करने से हवा पूरे कमरे में आसानी से पहंच जायेगी और AC पर भी कम बोझ पड़ता है. इतना ही नहीं कमरा ठंडा होने पर आप AC को बंद कर सकते हैं जिससे बिजली की भी बचत होगी.
एनर्जी सेवर बटन का इस्तेमाल   
आजकल ज्यादातर AC में एनर्जी सेवर फीचर दिया होता है,  AC चलाने के बाद जब कमरा ठंडा हो जाए तो सेवर बटन को दबा दें इससे AC बिजली की खपत को कम करेगा.

जानिए वह संकेत जो मुंह में कैंसर होने से पहले कुछ दिन पहले व्यक्ति के शरीर में दिखने लगते है.


जानिए वह संकेत जो मुंह में कैंसर होने से पहले कुछ दिन पहले व्यक्ति के शरीर में दिखने लगते है

दुनिया में बहुत सारी छोटी बड़ी बीमारियां है लेकिन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसे सबसे गंभीर बीमारियों में से एक समझा जाता है. कैंसर बहुत तरह के होते है और ये शरीर के अलग अलग अंगो पर भी होते रहते है. आज हम आपको मुंह के कैंसर के बारे में कुछ ऐसी जरूरी बातें बताने जा रहे है जो हर किसी को जरूर जानना चाहिए।


कैंसर एक ऐसी समस्या है जो अगर किसी महिला या पुरुष को एक बार हो जाये तो उसे बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कैंसर की बीमारी की वजह से पीड़ित व्यक्ति को बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है. इसीलिए आज हम आपको मुंह के कैंसर के कुछ ऐसे लक्षण के बारें में बताने जा रहे है जो मुंह में कैंसर होने से पहले कुछ दिन पहले व्यक्ति के शरीर में दिखने लगते है. आइये जानते है कौन से है वो लक्षण।

अगर किसी महिला या पुरुष के मुंह में चोट लग जाती है तो उस चोट की वजह से खून निकलना एक सामान्य बात है लेकिन अगर किसी महिला और पुरुष को बिना कोई चोट लगे की उनके मुंह से खून आता है तो ये कोई सामान्य बात नहीं बल्कि मुंह के कैंसर का संकेत हो सकता है.
अगर किसी महिला या पुरुष के मुंह में अंदर किसी तरह या कोई का बदलाव होने लगे या किसी व्यक्ति की जीभ पर सफेद दाग होने लगे तो ये कोई सामान्य बात नहीं है बल्कि कैंसर की बीमारी का एक संकेत हो सकता है.


बुढ़ापे में या ज़्यादा उम्र में व्यक्ति के दांतों का ढीला होना या दांत गिरना एक सामन्य समस्या है, लेकिन अगर किसी महिला या पुरुष को कम उम्र में दांत गिरने या टूटने की समस्या हो तो ये मुंह के कैंसर का संकेत हो सकता है

शुक्रवार, 29 मई 2020

Korona jokes latest social media corona jokes

कोरोना से मत डरो हम 138 करोड़ हैं
अगर 1 लाख रोज मरेगें तो 38 साल लगेंगे और इतने सालों में
*हम डबल हो जाएंगे!*
😂😂🙈😂😂 🤣🤣😲
 Mhobat ot corona ka rista


Corona ki mar Pakistan ke par

Corona se. Bchave

Lockdown joke




सोमवार, 25 मई 2020

तपती दोपहर में सड़क पर किसके सामने नतमस्तक हुए SP साहब, Photo वायरल.

तपती दोपहर में सड़क पर किसके सामने नतमस्तक हुए SP साहब, Photo वायरल

उज्जैन के SP ने सड़क पर महाकाल को प्रणाम किया
उज्जैन.विश्व प्रसिद्ध महाकाल (Mahakal temple) मंदिर के पट लॉकडाउन (lockdown) के कारण बंद हैं. आम हों या खास सभी का अभी मंदिर में प्रवेश बंद है. एसपी मनोज सिंह (Manoj Singh) भी नियम का पालन कर रहे हैं. उन्होंने शिखर के दर्शन किए और फिर बाहर सड़क पर ही बाबा महाकाल को नमन किया. एसपी (SP) की यह फोटो अब वायरल हो रहा है. एसपी ने कहा उन्होंने उज्जैन को कोरोना मुक्त (corona free) करने की बाबा से प्रार्थना की है.

कोरोना संक्रमण के कारण एमपी के रेड जोन उज्जैन शहर में हालात अब भी चिंताजनक हैं. मंदिर-मार्केट सब बंद हैं. ऐसे हालात में ज़िले के एसपी मनोज सिंह के मन में बाबा के दर्शन और प्रार्थना करने की इच्छा जागी, लेकिन मंदिर के पट तो अभी बंद हैं. SP ने नियम नहीं तोड़ा. श्रद्धा तो मन में होती है, इसलिए वे महाकाल मंदिर तक आए. बाहर सड़क पर खड़े होकर शिखर के दर्शन किए और फिर तपती दोपहर में वहीं सड़क पर घुटनों के बल बैठ गए और बाबा महाकाल को नमन किया.

सड़क पर माथा टेका
पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने जब से उज्जैन की कमान संभाली है. तब से शहर की स्थिति कंट्रोल करने में लगातार जुटे हुए हैं. चार्ज संभालने से पहले भी उन्होंने बाबा को इसी तरह प्रणाम किया था. एसपी मनोज सिंह ने कहा उन्होंने कोरोना संक्रमण से उज्जैन को राहत दिलाने के लिए महाकाल से प्रार्थना की है. साथ ही देश-दुनिया को खुशहाल रखने की दुआ की.

लॉक डाउन में घुसे थे कुछ श्रद्धालु
कुछ दिन पहले महाकाल मंदिर के गर्भगृह में कुछ श्रद्धालुओं के घुसने की फोटो वायरल हुई थीं. लॉक डाउन के दौरान ये श्रद्धालु मंदिर में घुसे और सेल्फी भी खींची थीं. बाद में जब ये तस्वीरें वायरल हुईं तब मंदिर प्रशासन ने जांच शुरू की थी.

शनिवार, 23 मई 2020

नए रंग में सामने आया कोरोना, जुकाम बुखार नहीं अब दिख रहे हैं ऐसे लक्षण

दुनिया भर में जारी कोरोना का संकट हर दिन नए-नए रूप और रंग में दिख रहा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कोरोना वायरस के एक नए लक्षण के प्रति पूरी दुनिया को आगाह किया है। विशेषज्ञों ने कहा कि बोलने में दिक्‍कत होना कोरोना वायरस का 'गंभीर' लक्षण है। अभी तक दुनियाभर के डॉक्‍टर यह कहते थे कि कफ या बुखार रहना कोरोना वायरस के दो मुख्‍य लक्षण हैं।

Covid 19 symptoms


डब्‍ल्‍यूएचओ की यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्‍या 3 लाख को पार कर गई है। इस महामारी से ठीक हुए लोगों का कहना है कि अन्‍य लक्षणों के साथ-साथ बोलने में दिक्‍कत का होना कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संभावित लक्षण है। डब्‍ल्‍यूएचओ के विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्‍यक्ति को बोलने में दिक्‍कत के साथ- साथ अगर चलने में दिक्‍कत हो रही है तो उसे तत्‍काल डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए।

डब्‍ल्‍यूएचओ ने कहा, 'कोरोना वायरस से प्रभावित ज्‍यादातर लोगों को सांस लेने में हल्‍की परेशानी हो सकती है और वे बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाएंगे। 'कोरोना वायरस के गंभीर लक्षणों में सांस लेने में दिक्‍कत और सीने में दर्द या दबाव, बोलना बंद होना या चलने फिरने में दिक्‍कत कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण हैं।' विशेषज्ञों ने आगाह किया कि अगर किसी को ऐसी गंभीर दिक्‍कत हो रही है तो उसे तत्‍काल डॉक्‍टर के पास जाना चाहिए। डॉक्‍टर के पास जाने से पहले हेल्‍पलाइन पर एक बार सलाह जरूर लें। WHO ने यह भी कहा है कि बोलने में दिक्‍कत हमेशा कोरोना वायरस का लक्षण नहीं होगा। कई बार दूसरी वजहों से भी बोलने में दिक्‍कत होती है.
 कोरोना वायरस के नए लक्षण

इसी सप्‍ताह हुए एक अन्‍य शोध में कहा गया था कि कोरोना वायरस का एक अन्‍य लक्षण मनोविकृति भी है। मेलबर्न की ला ट्रोबे यूनिवर्सिटी ने चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस की वजह से कई मरीजों में मनोरोग बढ़ रहा है। अध्‍ययन से जुड़े डॉक्‍टर एली ब्राउन ने कहा कि कोरोना वायरस हरेक के लिए बहुत तनावपूर्ण अनुभव है। यह इंसान के आइसोलेशन में रहने के दौरान ज्‍यादा बढ़ रहा है। अध्‍ययन से जुड़े टीम ने मर्स और सार्स जैसे अन्‍य वायरस का भी अध्‍ययन करके यह पता लगाने की कोशिश की कि क्‍या उनका इंसान की मानसिक स्थिति पर क्‍या असर पड़ रहा है।

शनिवार, 16 मई 2020

बहुत बड़ी खुशखबरी : अमेरिका ने रचा इतिहास, दवा से 100% ख़त्म हो रहा कोरोना.

बहुत बड़ी खुशखबरी : अमेरिका ने रचा इतिहास, दवा से 100% ख़त्म हो रहा कोरोना!
अमेरिका की एक कंपनी ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस का 'इलाज' ढूंढ लिया है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया की बायोटेक कंपनी सोरेंटो थैरेप्यूटिक्स ने कहा है कि उन्होंने STI-1499 नाम की एंटीबॉडी तैयार की है. इतना ही नहीं इस कंपनी का ये भी दवा है की इस दवा से कोरोना 100 फीसदी ख़त्म हो रहा है. कंपनी ने कहा कि “पेट्री डिश एक्सपेरिमेंट में पता चला कि STI-1499 एंटीबॉडी कोरोना वायरस को इंसानों के सेल्स में संक्रमण फैलाने से 100 फीसदी रोक देता है.”
सोरेन्टो कंपनी न्यूयॉर्क के माउंट सिनई स्कूल ऑफ मेडिसीन के साथ मिलकर कई एंटीबॉडी तैयार करने पर काम कर रही है. योजना ये है कि कई एंटीबॉडी को मिलाकर 'दवा का कॉकटेल' तैयार किया जाए.


डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, सोरेन्टो कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में कहा है कि वह एक महीने में एंटीबॉडी के 2 लाख डोज तैयार कर सकती है. कंपनी ने STI-1499 एंटीबॉडी के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अप्लीकेशन भेजा है. कंपनी ने इमरजेंसी आधार पर मंजूरी की मांग की है.
इस खबर के बाद कंपनी के स्टॉक के दाम में 220 फीसदी का उछाल देखने को मिला. सोरेन्टो के सीईओ डॉ. हेनरी जी ने फॉक्स न्यूज से कहा-
“हम कहना चाहते हैं कि इसका एक इलाज है. यह इलाज 100 फीसदी कारगर है. अगर आपके शरीर में वायरस को न्यूट्रलाइज करने के लिए एंटीबॉडी मौजूद रहते हैं तो आपको सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत नहीं होगी. बिना डर के पाबंदियां हटाई जा सकती हैं.”
हालांकि, इस एंटीबॉडी का टेस्ट लैब में इंसानी सेल्स पर किया गया है. इंसानों पर सीधे तौर से इसका परीक्षण नहीं हुआ है. एंटीबॉडी का साइड इफेक्ट भी फिलहाल पता नहीं है और यह भी नहीं मालूम कि इंसानी शरीर में यह कैसे बर्ताव करेगा.

गुरुवार, 14 मई 2020

कोरोना खत्म करने की कोशिशों के बीच आई एक बुरी खबर, WHO ने दी परेशानी बढ़ाने वाली जानकारी

कोरोना खत्म करने की कोशिशों के बीच आई एक बुरी खबर, WHO ने दी परेशानी बढ़ाने वाली जानकारी

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। वायरस को लेकर डब्ल्यूएचओ ने बड़ी चेतावनी दी है।


डब्ल्यूएचओ के आपात निदेशक डॉ. रेयान ने बुधवार को की गई मीडिया ब्रीफिंग में कोविड-19 कब नष्ट हो जाएगा की भविष्यवाणी करने की कोशिश के विरूद्ध चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई इसका कोई टीका भी पाया जाता है, तब भी वायरस को नियंत्रित करने के लिए “बड़े पैमाने पर प्रयास” की आवश्यकता होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. रेयान ने बताया कि ये बात सामने लाना अहम है कि कोविड-19 हमारे समुदायों में सिर्फ 1 और स्थानिक वायरस बन सकता है, और हो सकता है कि कोविड-19 कभी जाए ही नहीं। एड्स दूर नहीं हुआ है, लेकिन हम वायरस के साथ रहने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि कोई भी भविष्य़़वाणी कर सकता है कि ये वायरस नष्ट हो जाएगी। वर्तमान में 100 से अधिक टीके विकसित हो रहे हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि खसरा जैसी कई अन्य बीमारियां हैं, जो अभी भी मौजूद हैं, उनके लिए टीके होने के बावजूद ये नष्ट नहीं हुआ हैं। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि संभव है कि कोविड-19 कभी खत्म ना हो।


मंगलवार, 12 मई 2020

पहली बार WHO ने खाने-पीने के लिए जारी किया गाइडलाइन, जानें क्या ना करें

पहली बार WHO ने खाने-पीने के लिए जारी किया गाइडलाइन, जानें क्या ना करें
अमेरिका द्वारा लगातार चीन को कोरोना वायरस पर घेरने और WHO को कड़े अंदाज में लपेटने के बाद आखिरकार WHO ने मान ही लिया था कि यह वायरस चीन के वुहान से फैला है। हालांकि यह वायरस चीन में कैसे आया या चीन के वुहान से कैसे फैला, इस बारे में उसने चुप्पी साधे रखा। अब जबकि कोरोना ने पूरी दुनियां को तबाह कर रखा है, तो बहुत दिनों बाद WHO को आम लोगों के स्वास्थ की चिंता हुई। जिसे लेकर अब WHO की तरफ से कई गाइडलाइन जारी की जा चुंकी है।




सफाई का विशेष ख्याल रखें

खाना बनाने या कोई भी खाद्य सामग्री को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें। टॉयलेट के बाद हाथों को अच्छे से धोये। खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सिलाप या सारी सतह को अच्छे से धोएं और सैनिटाइज कर लें। अपने किचन को किसी भी तरह के कीड़े-मकोड़े और जानवरों से दूर रखें। क्योंकि अधिकांश जीव अत्यंत सूक्ष्म होते है, जो आपके स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है। सूक्ष्मजीव बर्तन पोंछने, किचन के अन्य कपड़ों और कटिंग बोर्ड में आसानी से आ जाते हैं जो हाथों के जरिए खानों में पहुंच सकते हैं।

कच्चा और पका हुआ खाने को अलग-अलग रखें

कच्चे मीट, चिकन या सी फूड्स को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखें। कच्चे भोजन के लिए सामग्री और बर्तन अलग और पके भोजन के लिए अलग रखें। कच्चे भोजन में इस्तेमाल होने वाले कटिंग बोर्ड्स और चाकू का इस्तेमाल, दूसरा खाना बनाने में ना करें। कच्चे और पके भोजन के बीच दूरी बनाने के लिए बंद बर्तन में रखें।

खाना ठीक ढंग से पकाएं

खाना अच्छी तरह से पकाने के लिए इन्हें 70 डिग्री सेल्सियस पर उबालें, खासकर मीट, अंडे, पोल्ट्री और सी फूड्स को। अगर आफ इसका सूप बना रहे है तो ध्यान रखें कि यह गुलाबी रंग का ना दिखे, पकने के बाद यह बिल्कुल साफ दिखना चाहिए। इसका तापमान चेक करने के लिए आप थर्मामीटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पके हुए भोजन को खाने से पहले एक बार फिर अच्छे से गर्म करें। दरअसल बात यह है कि खाना अच्छी तरह पकाने से सारे कीटाणु मर जाते हैं। खासकर आपको खाना पकाने में जिन पर खास ध्यान देने की जरूरत है वो हैं कीमा, मीट और पोल्ट्री फूड।

सुरक्षित तापमान में खाने को रखें

पके हुए खाने को कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक न छोड़ें। पके हुए खाने को उचित तापमान पर फ्रिज में रखें। भोजन करने से पहले उसे कम से कम 60 डिग्री सेल्सियस तापमान पर अच्छे से गर्म करें। फ्रिज में खाने को बहुत देर तक ना रखें।

साफ पानी का उपयोग करें

हमेशा पीने और खाने बनाने में साफ पानी का इस्तेमाल करें। हो सके तो पानी को पीने से पहले उबाल लें। सब्जियों और फलों को अच्छे से साफ करें। ताजा और पौष्टिक खाद्य पदार्थों लें। सुरक्षा के लिहाज से पाश्चयुरीकृत दूध बेहतर होते हैं। एक्सपायरी डेट के बाद के खाने का इस्तेमाल ना करें। कच्चे खाद्य पदार्थों की खरीदारी सावधानी से करें और उन्हें अच्छे से धोकर ही छीलें या काटें। यहां तक कि पानी और बर्फ में भी कई बार खतरनाक सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं जो पानी को जहरीला बना देते हैं, इसलिए बर्फ का इस्तेमाल ना करें और पानी गर्म कर पिये।

सोमवार, 11 मई 2020

30 सेकंड में सब्जी होगी कोरोना फ्री, देश में पहला अनोखा प्रयोग.


30 सेकंड में सब्जी होगी कोरोना फ्री, देश में पहला अनोखा प्रयोग
कोरोना का हॉटस्पॉट बने इंदौर में लॉकडाउन के चलते सभी तरह की गतिविधियां बंद हैं। यहां तक की राशन और सब्जी की दूकानें भी बंद करा दी गई हैं। ऐसे में नगर निगम ही राशन और सब्जियों की होम डिलीवरी कर रहा है। देखने में आया है कि दूसरे शहरों में सब्जी बेचने वालों की वजह से कई लोग कोरोना के शिकार हो गए हैं इसी को ध्यान में रखते हुए इंदौर में सब्जियों के सप्लाई की व्यवस्था नगर निगम ने अपने हाथ में ले रखी है। नगर निगम के अधिकारियों की देख रेख में सब्जियों को सेनेटाइज कर लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है।



ऐसे हो रही है सब्जियां वायरस फ्री
वैज्ञानिकों का कहना है कि अल्ट्रा वायरलेट ओवन को उपयोग में लाते समय UV किरण ओवन के अन्दर ही एक्सपोज होती है और विकिरण बाहर नहीं आता। इसलिए ये पूरी तरह सुरक्षित है। ये स्टेनलेस स्टील से निर्मित फ़ूड ग्रेड रॉ मटेरियल से बना उपकरण है। ये फलों, सब्जियों के बैक्टेरिया डिसइन्फेक्शन के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। इससे विकिरण रिलीज नहीं होता जिससे मनुष्य सुरक्षित रहता है। इस मशीन में ऑटो लिमिट स्विच है जो केवल ट्राली के अन्दर जाने पर ही ऑन होता है.। मात्र 30 सेकण्ड में UV–C से बैटरिया फ्री हो जाता है।

जानिए कितनी देर तक हाथों पर रहता है हैन्ड सेनेटाइजर का असर?

जानिए कितनी देर तक हाथों पर रहता है हैन्ड सेनेटाइजर का असर?
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जानिए यह संक्रमण से कितनी देर तक हाथों को मुक्त रखता है। क्या साबुन से सुरक्षित है इसका इस्तेमाल।
hand sanitizer
मुख्य बातें क्या कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए साबुन से बेहतर विकल्प है सेनेटाइजर का इस्तेमालसेनेटाइजर की तुलना में सस्ता और सुलभ विकल्प है साबुन से हाथ धोनागंदी दिख रही हथेली पर प्रभावी नहीं है सेनेटाइजर का इस्तेमाल
कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत के साथ इसे रोकने को उपायों को लेकर चर्चा होने लगी। ऐसे में दो सबसे सरल और सजह उपाय सामने आए वो थे हाथों को बार-बार किसी भी साबुन अथवा हैंडवॉश से धुलना। यदि पानी उपलब्ध न हो तो अल्कोहल बेस्ड हैंड सेनेटाइजर का उपयोग करके अपने हाथों को वायरस संक्रमण से मुक्त करना।
ऐसे में सवाल उठते हैं कि हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है और यह कितनी देर तक हाथों को संक्रमण से मुक्त रखता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक कोरोना वायरस से बचाव के लिए हैंड सेनेटाइजर का उपयोग बेहद सुरक्षित है बशर्ते उसमें अल्कोहल की मात्रा साठ प्रतिशत से ज्यादा हो।
How to make sanitizer

साबुन से हाथ धोने पर बह जाता है वायरस
अल्कोहल बेस्ड हैंड सेनेटाइजर लंबे समय तक कार्य नहीं करता है उसकी तुलना में साबुन से हाथ धोना सस्ता और सुलभ विकल्प है और संकट की घड़ी में लोगों की पहली पसंद भी है। हालांकि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में सेनेटाइजर का इस्तेमाल सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। साबुन से हाथ धोने पर हाथ में लगे संक्रमण के वायरस साबुन के साथ धुलकर पानी के बह जाते हैं। वहीं सेनेटाइजर भी हाथ में उपस्थिति वायरस और कीटाणुओं को मार देता है। लेकिन जैसे ही आप किसी संक्रमित वस्तु या सतह के दोबारा संपर्क में आते हैं तो आपके हाथ फिर से गंदे हो जाते हैं। इसलिए साबुन या सेनेटाइजर दोनों का इस्तेमाल कुछ मिनट तक ही आपके हाथ को संक्रमण मुक्त रख सकता है।
आप किसी भी तरीके से अपने हाथ को साफ करते हैं और उसके बाद कुछ भी हाथ में नहीं बचता है। लेकिन किसी गंदी सतह को दोबारा छूते ही आपके हाथ दोबारा से गंदे हो जाते हैं। ऐसे में यदि आप कुछ खाने का या अपने चेहरे को छूना चाहते हैं तो आपको फिर से हाथ धुलना चाहिए। भले ही दस मिनट पहले ही आपने ऐसा क्यों न किया हो।
दिखाई देने वाली गंदगी पर प्रभावी नहीं है सेनेटाइजर
हैंड सेनेटाइजर का उपयोग करते समय इस बात का ध्यान रखें की हाथ के सभी हिस्सों में वो पहुंचा हो। सेनेटाइजर लगाने के बाद जब तक आपको सूखा महसूस न होने लगे तब तक हाथ को आपस में रगड़ते रहें। जब आपके हाथ पर गंदगी लगी दिखाई दे वहां सेनेटाइजर या स्प्रे प्रभावी नहीं रहता है। इसलिए नियमित तौर पर अपने हाथ साबुन से धुलते रहें वो भी डब्ल्यूएचो द्वारा बताए तरीके से, कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोएं। ऐसे करते वक्त उंगलियों के बीच में और नाखून के दूसरे हाथ की हथेली पर रगड़कर अच्छी तरह साफ करें।

मंगलवार, 5 मई 2020

लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट

लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट

source --aajtak.in




  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    क्या आप जानते हैं दुनिया की सबसे सेक्सी और सुंदर महिला एथलीट कौन है? ये बला की खूबसूरत एथलीट एक महीने के बाद 400 मीटर के ट्रैक पर उतरी है ताकि प्रैक्टिस कर सके. कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण एक महीने से ये प्रैक्टिस नहीं कर पा रही थीं. आइए जानते हैं कि दुनिया की सबसे सेक्सी महिला एथलीट कौन हैं? (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    ये हैं जर्मनी की एथलीट एलिसिया स्मिट (Alicia Schmidt). ये 21 साल की हैं. ये टोक्यो में होने वाले ओलंपिक की तैयारी में लगी थीं कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लग गया था. इन्हें जर्मनी का फ्यूचर स्टार माना जा रहा है. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    एलिसिया स्मिट ने अपने करियर की शुरुआत जूनियल लेवल से की थी. एलिसिया ने 2017 में हुआ अंडर-20 यूरोपिया एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 4x400 रिले और 400 मीटर इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)

  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    2019 में हुए अंडर 23 यूरोपियन चैंपियनशिप में ये ब्रॉन्ड मेडल जीतीं थीं. इस खूबसूरत एथलीट के इंस्टाग्राम पेज पर 7.18 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    ऑस्ट्रेलियन मैगजीन बस्टेड कवरेज ने इन्हें दुनिया की सबसे सेक्सी महिला एथलीट का खिताब दिया था. एलिसिया को प्यूमा कंपनी ने स्पॉन्सर कर रखा है. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    19 अप्रैल को एलिसिया ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था कि अब मैं ट्रैक पर आ सकती हूं. पिछले एक महीने से मैं घर में ही प्रैक्टिस कर रही हूं. जो काफी नहीं था. लेकिन अब फिर से ओलंपिक के लिए तैयारी कर सकूंगी. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    एलिसिया टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में जर्मनी का प्रतिनिधित्व करेंगी. एलिसिया 27 दिसंबर 1998 में पैदा हुई थीं. फिलहाल जर्मनी के लिपजिग में रहती हैं. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    एलिसिया के पास 37.80 करोड़ रुपए की संपत्ति है. ये दुनिया की प्रसिद्ध रनर्स की लिस्ट में शामिल हैं. एलिसिया सिर्फ 400 मीटर ट्रैक पर नहीं दौड़तीं. इसके अलावा वो 200 मीटर और 800 मीटर रेस में भी भाग लेती हैं. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    अभी एलिसिया जर्मनी की सबसे रईस धावक हैं. इतना ही नहीं इनडोर ट्रैक इवेंट्स में भी एलिसिया का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है. उन्होंने 80 मीटर, 100 मीटर में भी अच्छा परफॉर्म किया है. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)

  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    एलिसिया की हाइट 5 फीट 11 इंच है. सैंटा मोनिका कॉलेज में पढ़ाई के दौरान भी एलिसिया सबसे तेज धावक थीं. पहली बार इन्होंने 2002 और 2003 में NCAA चैंपियनशिप में 800 मीटर की रेस जीती थी. तभी ये लाइमलाइट में आई थीं. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
  • लॉकडाउन में छूट मिली तो ट्रैक पर उतरी दुनिया की सबसे खूबसूरत एथलीट
    एलिसिया प्रतिदिन 7 किलोमीटर की जॉगिंग करती हैं. इसके बाद वार्म अप एक्सरसाइज, फिर 2 घंटे का वेट ट्रेनिंग सेशन होता है. इसके बाद वो एक बार फिर 2 किलोमीटर दौड़ती हैं कूलडाउन होने के लिए. (फोटोः इंस्टाग्राम/एलिसिया स्मिट)
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