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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

कैंसर ने ली इफान खान,ऋषि कपूर की जान, इस फल को खाने से होता है कैंसर से बचाव.

कैंसर की बीमारी का इलाज


कैंसर एक ऐसी बीमारी जिसने बॉलिवुड इंडस्ट्री के दो दिग्गज और प्रतिभाशाली एक्टर्स इरफान खान (Irrfan Khan died) और ऋषि कपूर (Rishi kapoor died) को हमसे छीन लिया।
इरफान खान जहां हार्मोन्स बनाने वाली
ग्रांथियों से संबंधित कैंसर न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित थे, तो वहीं ऋषि कपूर ल्यूकेमिया से पीड़ित थे।
ल्यूकेमिया ब्लड कैंसर का एक प्रकार होता है। ल्यूकेमिया को क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया या सीएलएल (CLL) भी कहा जाता है।

हालांकि देश और मेडिकल में अब कैंसर (Cancer ) का इलाज संभव है लेकिन फिर भी किसी भी बीमारी के इलाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है उससे बचाव करना।
वक्त रहते अगर आप कुछ ऐसे उपाय और सतर्कता कर बरत लें जिससे कैंसर जैसी बीमारी से भी छुटकारा मिल जाएं तो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।
कैंसर जैसी बीमारी के लिए भी एक्सपर्ट्स ने कुछ घरेलू उपाय सुझाएं है, जिनके बारे में हम आपको बता रहे है। पपीता तो आप सभी ने देखा और खाया होगा।
अगर हम कहें कि पपीते की पत्तियां कैंसर के इलाज के लिए रामबाण साबित हो सकती है (Is papaya good for cancer patients?) तो शायद आपको यकीन करना मुश्किल होगा,लेकिन यह सच है।
अगर आप जानना चाहते है कि वो
कौन सा फल है जो कैंसर का खात्मा कर सकता है? (Which foods kill cancer cells?)
तो इसका जवाब भी यही है कि कैंसर के इलाज में पपीते (Papaya) की अहम भूमिका है।
क्या पपीते की पत्तियां कैंसर का खात्मा कर सकती है? Can papaya seeds cure cancer?
रिसर्चरों ने भी माना है कि पपीता एक कैंसर रोधी फल है। इसका इस्तेमाल करने से आप गर्भाश्य ग्रीवा (cervix), ब्रेस्ट ( breast), लिवर (liver), लंग (lung) और पैनक्राइसेज (pancreas) कैंसर की रोकथाम के लिए उपयोगी है।
जानियें कैसे पपीते की पत्तिया कैंसर को खत्म करती है?
Papaya Leaf to cure cancer
1. पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines के उत्पादन को ब़ढाता है जो की इम्यून सिस्टम को शक्ति प्रदान करता है जिससे
कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता
(Cancer can be treat to Papaya) है।
2. पपीते की पत्तियों में papain नामक एक प्रोटीन को तोड़ने (proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मौजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।
Papain blood में जाकर macrophages को उतेजित करता है जो immunity system को उतेजित करके कैंसर कोशिका को नष्ट करना शुरू करती है, chemotherapy / radiotherapy और पपीता की पत्तियों के द्वारा ट्रीटमेंट में ये फर्क है कि chemotherapy में immune system को दबाया जाता है जबकि पपीता immune
system को उतेजित करता है,
chemotherapy और radiotherapy में नार्मल कोशिका भी प्रभावित होती है पपीता सोर्फ़ कैंसर कोशिका को नष्ट करता है।
सबसे बड़ी बात की कैंसर के इलाज में पपीते का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।
Cancer treatment Papaya role
कैंसर में पपीते के सेवन की विधि :–
कैंसर (Cancer) में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय। दिन में 3 से 4 बार पपीते (Papaya) की चाय बनायें, ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होने वाली है। अब आइये जाने लेते हैं पपीते की चाय बनाने की विधि।
1. 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुखा ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबालें।
इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए। और अगर ज्यादा बनाया है तो इसको आप दिन में 3 से 4 बार पियें। बाकी बचे हुए लिक्विड को फ्रीज में स्टोर का दे जरुरत पड़ने पर इस्तेमाल कर ले। और ध्यान रहे के इसको दोबारा गर्म मत करें।
Papaya Leaf to cure cancer
2. पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 लीटर पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml. करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।
पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।
कब तक करें ये प्रयोग वैसे तो ये प्रयोग आपको 5 हफ़्तों में अपना रिजल्ट दिखा देगा, फिर भी हम आपको इसे 3 महीने तक इस्तेमाल करने का निर्देश देंगे
और ये जिन लोगों का अनुभूत किया है उन लोगों ने उन लोगों को भी सही किया है, जिनकी कैंसर में तीसरी और चौथी स्टेज थी।
पपीते के पत्तो (Papaya-Leaf) की चाय किसी भी स्टेज के कैंसर को सिर्फ 60 से 90 दिनों में कर देगी जड़ से खत्म,
पपीते के पत्ते 3rd और 4th स्टेज के कैंसर को सिर्फ 35 से 90 दिन में सही कर सकते हैं।
अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, बहरहाल प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और छोटा मोटा प्रयोग, मगर आज जो हम आपको बताने जा रहें हैं, ये वाकई आपको चौंका देगा, आप सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग को जड़ से ख़त्म कर सकते हैं।
ये प्रकृति की शक्ति है और बलबीर सिंह शेखावत जी की स्टडी है जो वर्तमान में बतौर एक सरकारी फार्मासिस्ट अपनी सेवाएँ सीकर जिले में दे रहें हैं।
कई प्रकार के वैज्ञानिक शोधों से पता लगा है कि पपीते के सभी भागों जैसे फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ सभी के अन्दर
कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की क्षमता पाई जाती है।
Papaya Leaf to cure cancer
विशेषकर पपीते की पत्तियों के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसकी वृद्धि को रोकने का गुण अत्याधिक पाया जाता है। तो आइये जानते हैं उन्ही से।
Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां डायरेक्ट कैंसर को खत्म कर सकती है, उनके अनुसार पपीता कि पत्तिया लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है जिनमे मुख्य है।
breast cancer, lung cancer, liver cancer, pancreatic cancer, cervix cancer, इसमें जितनी ज्यादा मात्रा पपीता के पत्तियों की बढ़ाई गयी है, उतना ही अच्छा परिणाम मिला है, अगर पपीता की पत्तिया कैंसर को खत्म नहीं कर सकती है लेकिन कैंसर की प्रोग्रेस को जरुर रोक देती है।

बुधवार, 29 अप्रैल 2020

कैंसर से जीते तो कोलोन इंफेक्शन ने ली इरफान की जान, जानिए क्या है कोलोन इंफेक्शन.

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफ़ान खान ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 53 वर्षीय इरफ़ान खान का पेट की बीमारी के चलते निधन हो गया। उन्हें बीते सोमवार हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें आईसीयू में ट्रीटमेंट दिया जा रहा था लेकिन देर रात उनकी कंडीशन ज्यादा बिगड़ गई और आज उन्होंने कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली।

बताया जा रहा है कि इरफान खान की मृत्यु उनकी बीमारी कोलोन इंफेक्शन के कारण हुई। उनकी मौत के साथ ही कोलोन इंफेक्शन चर्चा का कारण बन गया है। आईये इसके बारे में बताते हैं।
Iran khan

कोलोन इंफेक्शन
कोलोन इंफेक्शन पेट से जुड़ी बीमारी है इसे कोलाइटिस भी कहा जाता है। यह एक इंफेक्शन है जो वायरस, बैक्टीरिया या परजीवी की वजह से फैलता है। इस इन्फेक्शन से अगर कोई पीड़ित होता है तो उसे पेट दर्द, बुखार और मोशन की प्रॉब्लम हो जाती है।
क्या है इसके लक्षण
कोलोन इंफेक्शन होने वाले ब्यक्ति को पेट दर्द, डायरिया, मोशन की प्रॉब्लम, कब्ज, गैस, थकान, कमजोरी और मल त्याग करने में दिक्कत/जलन जैसी समस्याएं होती हैं। इस बीमारी में मल के साथ खून भी आता है। साथ ही मरीज का तेजी से वजन गिरने लगता है। दरअसल, कोलन इंफेक्शन से बड़ी आंत/मलाशय की सतह पर मौजूद कोशिकाएं मरने लगती है जो अल्सर का भी कारण बनती हैं।

क्या है कारण
कोलोन  इंफेक्शन कई कारणों से हो सकता है जैसे- खराब खाना खाने से या ऐसा कुछ खाने से जो हम आसानी से पचा नहीं पा रहे हो, गंदा पानी पीने से या पाचन क्रिया के दौरान मलाशय में कई तरह के कैमिकल बनने से इंफेक्शन हो जाता है।
ये कई तरह का होता है
कोलोन इंफेक्शन कई तरह का होता है। इसका इलाज भी तभी किया जा सकता है जब ये पता हो कि किस तरह का कोलोन इंफेक्शन हुआ है। ज्यादातर 4 तरह का कोलोन अभी तक देखा गया है।
-इस्केमिक कोलाइटिस: इसमें कोलन में खून का चलना ठीक से नहीं हो पाता और यह  इस्केमिक कोलाइटिस का कारण बन सकता जाता है।
-एलर्जिक कोलाइटिस बड़ों की अपेक्षा बच्चों को होने वाली बीमारी है। ये कुछ चीजों से एलर्जी के वजह से होता है।
-बॉडी में जब लिम्फोसाइट की मात्रा बढ़ जाती है तब माइक्रोस्कोपिक कोलाइटिस हो जाता है। यह इतना सूक्ष्म स्तर का होता है कि इसे केवल माइक्रोस्कोप के द्वारा ही देखा जा सकता है।
-कुछ लोगों में सूजन-कम करने की दवाओं की वजह से कोलन में सूजन की समस्या आ जाती है। इसे ड्रग कोलाइटिस कहते हैं। यह एंटी-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवाओं की वजह से ऐसा होता है। ऐसे लोग जिन्होंने लंबे समय तक ऐसी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं  उन्हें इस कोलाइटिस का खतरा रहता है।
कैसे कर सकते हैं बचाव
इसके लिए आपको खून पानी पीने की आदत डालनी होगी। साथ ही खाने में सेहतमंद पेय पदा‍र्थों जैसे दूध, फलों का जसू, दही, छाछ, नींबू पानी को ज्यादा शामिल करना होगा और  पाचन क्रिया को सही रखने के लिए फाइबर से भरपूर भोजन लेना होगा।

मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

मात्र दो दिन में हो जाएगा कोरोना वायरस का खात्मा.

मात्र दो दिन में हो जाएगा कोरोना वायरस का खात्मा

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है। वहीं इस बीमारी से निपटने के लिए तमाम देशों के वैज्ञानिक शोध में लगे हुए हैं। अब कोरोना के इलाज को लेकर एक नया दावा किया जा रहा है कि एंटी पैरासाइट यानि कीड़े मारने की दवा से कोरोना को दो दिन में ठीक किया जा सकता है। अमेरिका के नॉर्थशोर यूनिवर्सिटी हेल्थ सिस्टम के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरव शाह का कहना है कि एंटी पैरासाइट दवा इन्वर्टीमाइसिन से वायरस दो दिन में खत्म हो सकता है।



नीरव शाह के मुताबिक, कोरोना के इलाज के लिए ये दावा सुरक्षित है और दुनियाभर में ये आसानी से मिल सकती है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मोनाश बायोमेडिसिन डिस्कवरी इंस्टीट्यूट के डॉ. काइली वॉगस्टाफ का भी मानना है कि उन्होंने रिसर्च में पाया है कि इस दवा की एक खुराक से वायरस का RNA 48 घंटे या 24 घंटे के अंदर खत्म हो सकता है।

फ्लोरिडा के ब्रोवॉर्ड हेल्थ मेडिकल सेंटर के डॉ. जैक्स रैज्टर के मुताबिक, वे पहले से ही कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इस दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस दवा का भी असर दिख रहा है। इसी के साथ उटाह यूनिवर्सिटी के डॉ. अमित पटेल ने रिसर्च मे कहा कि वेंटिलेटर पर रखे गए गंभीर मरीजों, जिनके फेफड़े में नुकसान है, में भी एंटी पैरासाइट दवा इन्वर्टीमाइसिन का अच्छा परिणाम देखने को मिला है।
डॉ. जैक्स रैज्टर का कहना है कि मरीज जितनी जल्दी इलाज के लिए आ जाएगा, उतनी ही जल्दी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अगर मरीज को ऑक्सीजन की जरुरत 50 फीसदी से कम है तो उसे 100 फीसदी फायदा होने की संभावना है। डॉ. जैक्स के मुताबिक, ये दवा मरीजों पर असर नहीं करती, जिनकी स्थिति बाकी मरीजों के मुकाबले गंभीर होती है।



ये दवा पहली बार 1970-80 में बनी थी। जिसका इस्तेमाल पशुओं में मिलने वाले कीड़ों को मारने के लिए किया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे इस दवा का इस्तेमाल इंसानों के बालों में पड़ने वाले जुओं को मारने में किया जाने लगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आवश्यक दवा की लिस्ट में इस दवा को भी शामिल किया है।
लेकिन कोरोना एक वायरस है, पैरासाइट नहीं, ऐसे में यह दवा वायरस को कैसे खत्म करेगी? इस सवाल के जवाब में वैज्ञानिकों का कहना है कि इन्वर्टीमाइसिन वायरल RNA यानि राइबो-न्यूक्लिक एसिड को ब्लॉक करने का काम करती है। जिसके चलते स्वस्थ कोशिकाएं पर संक्रमण का असर होने से रोका जा सकता है। साथ ही व्यक्ति का इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत होता है। जिससे वह लंबे समय तक वायरस से लड़ सकता है।
वहीं अमेरिका की संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) का कहना है कि पशुओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा इंसानों पर असर करे यह जरुरी नहीं है। इसके इस्तेमाल से पहले और अधिक स्टडी की जरूरत है। कोरोना वायरस के इलाज में इन्वर्टीमाइसिन दवा कितनी अधिक प्रभावी है, ये अध्ययन के बाद ही पता चल सकेगा।


सोमवार, 27 अप्रैल 2020

कोरोनावायरस के नए लक्षण जिन्हें देखकर डॉक्टर भी हो गए हैरान.


कोरोनावायरस के नए  लक्षण 

अभी तक बताया जा रहा था कि कोरोना वायरस के संक्रमण के 3 मुख्य संभावित लक्षण हो सकते हैं। खांसी- बुखार और सांस लेने में दिक्कतें। भारत सरकार के आरोग्य सेतु ऐप पर भी यही लक्षण मूल रूप से बताए गए हैं। लेकिन, अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मावनीय सेवा विभाग के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की ओर से अपनी वेबसाइट पर अब इनमें 6 और संभावित लक्षणों को जोड़ा गया है। जाहिर है कि ऐसा इसलिए करना पड़ा है, क्योंकि कोरोना वायरस जितनी तेजी से परिवर्तन होने वाला वायरस नजर आ रहा है, उसके लक्षण भी उतने ही ज्यादा तेजी से बढ़ते जा रहे हैं; और सबसे बड़ी बात ये है कि सारे लक्षण इतने सामान्य से हैं, जो कई साधारण बीमारियों में भी दिखाई पड़ते हैं। इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर कोरोना वायरस के संक्रमितों का पता लगाना नामुमकिन है और टेस्टिंग ही इसका एकमात्र विकल्प है। आइए जानते हैं कि डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानि सीडीसी ने किन 6 नए लक्षणों को अपनी वेबसाइट पर शामिल किया है।

Corona virus new symptoms


सीडीसी ने कोविड-19 के अब कुल 9 लक्षण बताए


कोरोना वायरस के अब तक तीन तरह के मूल लक्षण ही बताए जा रहे थे।सर्दी-खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ। लेकिन, इसकी फेहरिस्त अब लंबी कर दी गई है। अमेरिका के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अब लक्षणों की इस लिस्ट को बढ़ाकर कुल 9 लक्षण कर लिए हैं। यानि इस लिस्ट में 6 और लक्षणों को शामिल किया गया है। मतलब अगर अब किसी में इन 9 लक्षणों में से कोई भी लक्षण होता है तो वह नोवल कोरोना वायरस से भी संक्रमित हो सकता है। यानि कोरोना वायरस से संक्रमित शख्स में इन 9 में से कोई भी लक्षण हो सकता है या एक से ज्यादा लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन, यहां यह भी स्पष्ट कर देना जरूरी है कि ये सारे लक्षण और रोगों की ओर भी इशारा कर सकता है। आइए जानते हैं कि सीडीसी ने जो 6 नए लक्षण अपनी वेबसाइड पर डाले हैं वो कौन से हैं।

Corona virus treatment

सीडीसी ने ये 6 नए लक्षण जोड़े हैं


डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कोविड-19 के लक्षणों की लिस्ट में जो 6 नए संभावित लक्षण बताए हैं, वो हैं- ठंड लगना, ठंड के साथ कंपकंपी, मांसपेशियों में दर्द, सरदर्द, गले में खरास और स्वाद या गंध का पता न लग पाना। लेकिन, सवाल उठता है कि क्या इस तरह के लक्षण इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि संबंधित शख्स कोविड-19 से संक्रमित है तो जवाब है नहीं। ये सारे लक्षण इंफ्लुएंजा, आरएसवी या रेसपिरेटरी सिंसायटिअल वायरस अथवा कुछ और सांस संबंधी वायरल इंफेक्शन में भी दिखाई देते हैं। इसलिए टेस्ट से ही पता चल सकता है कि इस तरह के लक्षण के कारण क्या हैं। यही नहीं शोध में ये भी सामने आया है कि इस तरह के लक्षणों वाले काफी संख्या में मरीज ऐसे भी सामने आए हैं, जो एक साथ कोविड-19 और दूसरी सांस से जुड़ी बीमारियों के संक्रण से भी पीड़ित थे। अगर इसको दूसरे शब्दों में कहा जाए कि अगर एक शख्स को कोई और सांस से जुड़ा वायरल इंफेक्शन है तो भी वह कोरोना वायरस से भी संक्रमित हो सकता है।

टेस्टिंग ही आखिरी विकल्प


असमंजस में पड़ने की जरूरत नहीं है। एक रिपोर्ट ये बताती है कि कोविड-19 के संक्रमितों की पहचान के लिए केवल खांसी-बुखार और सांस में तकलीफ वाले लोगों को ही तलाशने से काम नहीं चलेगा। जितना बड़ा दायरा इस बीमारी का है, समय के साथ उतना ही इसके लक्षणों का भी दायरा विशाल होता जा रहा है। मतलब एक्सपर्ट को भी लगने लगा है कि इस वायरस की परिवर्तनशीलता की तरह ही इसका लक्षण भी परिवर्तनशील हो सकता है। यानि सीडीसी की ताजा लिस्ट भी संभवत: संपूर्ण नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉबर्ट ग्लैटर जैसे एक्सपर्ट लिख चुके हैं कि पेट दर्द और डायरिया भी कोविड-19 का पहला लक्षण हो सकता है। कुछ ने आंखों के लक्षणों के बारे में भी बात की है। कुल मिलाकर कोविंड-19 के लक्षणों का सबसे बड़ा संकट यही है कि इसका कोई भी लक्षण स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी पहचान के लिए टेस्टिंग ही आखिरी और भरोसेमंद विकल्प रह जाता है.

रविवार, 26 अप्रैल 2020

कोरोना संकट में देशवासियों से PM मोदी के 'मन की बात'! पढ़ें, 11 बड़ी बातें.

 महामारी और लॉकडाउन के दौरान मन की बात में पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता की तारीफ की. उन्होंने कई अहम बातें की, आपको मुख्य 11 बातों को अवश्य जानना चाहिए.
कोरोना के संकट काल के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बार फिर मन की बात की. इस दौरान उन्होंने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की आपको ऐसे ही 11 बड़ी बातों से रूबरू करवाते हैं.


1- कोरोना के खिलाफ एक लक्ष्य, एक दिशा में पूरा देश एक साथ
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई सही मायने में people driven है. भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई जनता लड़ रही है, आप लड़ रहे हैं, जनता के साथ मिलकर शासन, प्रशासन लड़ रहा है."
"हम भाग्यशाली  हैं कि आज पूरा देश, देश का हर नागरिक, जन-जन इस लड़ाई का सिपाही है और लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है. आज पूरा देश, एक लक्ष्य, एक दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है. ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीज़ों ने जिन भावनाओं को जन्म दिया. जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ-न-कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है."
2- PM मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई का मंत्र बताया
उन्होंने कहा "हमारे किसान भाई-बहन को ही देखिये - वो इस महामारी के बीच अपने खेतों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और इस बात की भी चिंता कर रहे हैं कि देश में कोई भूखा ना सोये."
"दूसरों की मदद के लिए, अपने भीतर, हृदय के किसी कोने में, जो ये उमड़ता-घुमड़ता भाव है ना! वही कोरोना के खिलाफ, भारत की इस लड़ाई को ताकत दे रहा है."
3- कोरोना महामारी ने पूरे देश को एक धागे में पिरोया
पीएम ने बोला कि "चाहे करोड़ों लोगों का gas subsidy छोड़ना हो, लाखों senior citizen कर railway subsidy छोड़ना हो, स्वच्छ भारत अभियान का नेतृत्व लेना हो, toilet बनाने हो, ऐसी अनगिनत बातें है. इन सारी बातों से पता चलता है कि हम सबको एक मन-एक धागे से पिरो दिया है.ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीज़ों ने जिन भावनाओं को जन्म दिया. जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ-न-कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है."
"हर मुश्किल हालात, हर लड़ाई, कुछ-न-कुछ सबक देती है, कुछ-नकुछ सिखा करके जाती है, सीख देती है. सब देशवासियों ने जो संकल्प शक्ति दिखाई है, उससे, भारत में एक नए बदलाव की शुरुआत भी हुई है."
4- हर कोई, तेजी से नए तकनीकी बदलावों की तरफ बढ़ रहा
नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे business, हमारे दफ्तर, हमारे शिक्षण संस्थान, हमारे medical sector, हर कोई, तेजी से नए तकनीकी बदलावों की तरफ बढ़ रहे हैं. Technology के front पर तो वाकई ऐसा लग रहा है कि देश का हर innovator नई परिस्थितियों के मुताबिक कुछ-न-कुछ नया निर्माण कर रहा है."
"जब देश एक team बन करके काम करता है, तब क्या कुछ होता है - ये हम अनुभव कर रहे हैं. आज केंद्र सरकार हो, राज्य सरकार हो, इनका हर विभाग और संस्थान राहत के लिए मिल-जुल करके पूरी speed में काम रहे हैं."
5- स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारें निभा रही अपनी जिम्मेदारी
उन्होंने ये भी बोला कि "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत, गरीबों के अकाउंट में पैसे सीधे ट्रान्सफर किए जा रहे हैं. वृद्धावस्था पेंशन जारी की गई है. गरीबों को तीन महीने के मुफ्त गैस सिलेंडर, राशन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं."
"हमारे देश की राज्य सरकारों की भी इस बात के लिए प्रशंसा करूंगा कि वो इस महामारी से निपटने में बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारें जो अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, उसकी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ी भूमिका है."
6- कोरोना वॉरियर्स के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पीएम ने कहा, ''देशभर से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने अभी हाल ही में जो अध्यादेश लाया गया है, उस पर अपना संतोष व्यक्त किया है. इस अध्यादेश में कोरोना वॉरियर्स के साथ हिंसा, उत्पीड़न और उन्हें किसी रूप में चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.''
"डॉक्टर हों, सफाईकर्मी हों, अन्य सेवा करने वाले लोग हों - इतना ही नहीं, हमारी पुलिस व्यवस्था को लेकर भी आम लोगों की सोच में काफी बदलाव हुआ है."
"आज कल सोशल मीडिया में हम सब लोग लगातार देख रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान, लोग अपने इन साथियों को न सिर्फ याद कर रहे हैं, उनकी जरूरतों को ध्यान रख रहे हैं, बल्कि इनके बारे में बहुत सम्मान से लिख भी रहे हैं."
7- पीएम मोदी ने प्रकृति, विकृति और संस्कृति को समझाया
प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि "हम अक्सर सुनते हैं- प्रकृति, विकृति और संस्कृति... इन शब्दों को एक साथ देखें और इसके पीछे के भाव देखें तो आपको जीवन को समझने का भी एक नया द्वार खुलता हुआ दिखेगा. इन दोनों से परे, प्रकृति और विकृति से ऊपर, जब कोई संस्कारित-मन सोचता है या व्यवाहर करता है तो हमें संकृति नजर आती है. खुद की चिंता छोड़कर, अपने हक़ के हिस्से को बाँट करके किसी दूसरे की जरूरत को पूरा करने ही संस्कृति है."
''संकट की इस घड़ी में, दुनिया के लिए भी, समृद्ध देशों के लिए भी, दवाईयों का संकट बहुत ज्यादा रहा है. अगर भारत दुनिया को दवाईयां न भी दे तो कोई भारत को दोषी नहीं मानता. लेकिन भारत ने प्रकृति, विकृति की सोच से परे होकर फैसला लिया. भारत ने अपने संस्कृति के अनुरूप फैसला लिया.''
8- हजारों वर्ष पुराने, हमारे आयुर्वेद के सिद्धांतों को भी विश्व स्वीकारेगा
उन्होंने बताया कि "हमने विश्व के हर जरूरतमंद तक दवाइयों को पहुंचाने का बीड़ा उठाया और मानवता के इस काम को करके दिखाया. आज जब मेरी अनेक देशों के राष्ट्रध्यक्षों से बात होती है तो वो भारत की जनता का आभार जरूर व्यक्त करते हैं."
"कई बार हम अपनी ही शक्तियों और समृद्ध परम्परा को पहचानने से इनकार कर देते हैं लेकिन जब विश्व का कोई दूसरा देश evidence based research का आधार पर वही बात करता है तो हम उसे हाथों-हाथ ले लेते हैं. इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण - सैकड़ों वर्षों की हमारी गुलामी का कालखंड रहा है."
पीएम ने बोला कि जैसे विश्व ने योग को सहर्ष स्वीकार किया है वैसे ही, हजारों वर्ष पुराने, हमारे आयुर्वेद के सिद्धांतों को भी विश्व अवश्य स्वीकार करेगा. 
9- थूकना मना है: अब मास्क सभ्य समाज का प्रतीक बन जाएगा
पीएम मोदी ने कोरोना से बचने के लिए एक बार फिर गमछा इस्तेमाल की सलाह दी. नरेंद्र मोदी ने कहा, "कोरोना की वजह से बदलते हुए हालत में मास्क भी हमारे जीवन का हिस्सा बन रहा है. वैसे हमें इसकी आदत कभी नहीं रही कि हमारे आस-पास के बहुत सारे लोग मास्क में दिखें, लेकिन अब हो यही रहा है. इसका ये मतलब नहीं है कि जो मास्क लागाते हैं वे सभी बीमार हैं."
"हमारे समाज में एक और बड़ी जागरूकता ये आयी है कि अब सभी लोग ये समझ रहे हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के क्या नुकसान हो सकते हैं. अब वो समय आ गया है कि इस बुरी आदत को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए."
10- अक्षय तृतीया का यह पर्व दान की शक्ति यानि Power of Giving
पीएम ने कहा कि "आज जब आपसे मैं मन की बात कर रहा हूं तो अक्षय तृतीया का पवित्र पर्व भी है. साथियों, 'क्षय' का अर्थ होता है विनाश लेकिन जो कभी नष्ट नहीं हो, जो कभी समाप्त नहीं हो वो 'अक्षय' है. अपने घरों में हम सब इस पर्व को हर साल मानाते हैं लेकिन इस साल हमारे लिए इसका विशेष महत्व है. क्या आप जानते हैं कि अक्षय तृतीया का यह पर्व दान की शक्ति यानि Power of Giving का भी एक अवसर होता है. हम हृदय की भावना से जो कुछ भी देते हैं, वास्तव में महत्व उसी का होता है. संकट के में हमारा छोटा सा प्रयास हमारे आप-पास के बहुत से लोगों के लिए बहुत बड़ा संबल बन सकता है."
"जैन परम्परा में भी यह बहुत पवित्र दिन है क्योंकि पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जीवन का यह एक महत्वपूर्ण दिन रहा है, ऐसे में जैन समाज इसे एक पर्व के रूप में मनाता है."
11- पीएम मोदी ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी
मन की बात में पीएम मोदी ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी. "रमजान का भी पवित्र महीना शुरू हो चुका है. अब जब पूरे विश्व में ये मुसीबत आ ही गई है तो हमारे सामने अवसर है, इस रमजान को संयम, सद्भाव, संवेदनशीलता और सेवा-भाव का प्रतीक बनाएं. मुझे विश्वास है कि रमजान के इन दिनों में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निदेर्शों का पालन करते हुए कोरोना के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को हम मजबूत करेंगे. सड़कों, बाजारों, मोहल्लों में physical distancing के नियमों का पालन अभी बहुत आवश्यक है."
"मैं आपसे आग्रह करूंगा- हम कतई अति आत्मविश्वास में न फंस जाएं. हम ऐसा विचार न पाल लें कि हमारे शहर, गांव, गली, दफ्तर में अभी तक कोरोना पहुंचा नहीं है, इसलिए अब पहुंचने वाला नहीं है. देखिए ऐसी गलती कभी मत पालना, दुनिया का अनुभव हमें बहुत कुछ कह रहा है.

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

यह चीजें खाओगे तो नहीं होगा कोरोनावायरस.


कोरोना वायरस (coronavirus) से बचने के लिए जितना जरूरी समय-समय पर हाथ धोना है, उतना ही जरूरी है, सही आहार लेना भी है.
Coronavirus   की दवाई

कोरोना वायरस (coronavirus) से बचने के लिए जितना जरूरी समय-समय पर हाथ धोना है, उतना ही जरूरी है, सही आहार लेना भी है. कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा उन लोगों को है जिनका इम्यून सिसटम कमजोर है. अमेरिका की ओरेगोन स्टेट यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि विटामिन सी, डी और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट ऐसे हैं जो आपको कोरोना से बचा सकते हैं.
विटामिन डी इंफेक्शन से लड़ने में करता है मदद

विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन सी, विटामिन डी, ज़िंक और ओमेगा- 3 फैटी एसिड, रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में बेहद कारगर साबित होते हैं. कोरोना काल में आपकी डाइट में इन पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है. विटामिन सी शरीर में मौजूद इम्यून सेल्स को बढ़ाने के साथ- साथ शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा को भी बढ़ाता है और विटामिन डी इंफेक्शन से लड़ने में मदद करें.

ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर, ऐड्रियन गोमबार्ड के मुताबिक, इंफेक्शन से बचने के लिए जहां सोशल डिस्टेंसिग, हाथ धोना, और वैक्सीन जरूरी है, उतना ही जरूरी है पोषण. लोग अक्सर इसी को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन सही पोषण पर यदि ध्यान दिया जाए तो ये कोरोना और दूसरे इंफेक्शन से लोगों को बचा सकता है.
जिंक है बेहद जरूरी

मैक्स अस्पताल साकेत में न्यूट्रिशन और डायटिक्स की हेड, रितिका समादार की मानें तो इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आप टमाटर, आवंला, गाजर, चेरी जैसी चीजों का सेवन कर सकते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करते हैं जो अपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शरीर की योद्धा कोशिकाओं को भी बढ़ाते हैं. 


इन 8 कॉमेडियन की बीवियां हैं बेहद हसीन, सुनील ग्रोवर की पत्नी को तो खुदा ने फुर्सत से बनाया है.

इन 8 कॉमेडियन की बीवियां हैं बेहद हसीन, सुनील ग्रोवर की पत्नी को तो खुदा ने फुर्सत से बनाया है.


कॉमेडी एक ऐसी चीज हैं जो हमारे मूड को लाइट और फ्रेश कर देती हैं. भारत में कई सारे कॉमेडियन हैं. ये कभी फिल्मों में तो कभी टीवी शो में आकर हमें हंसाने का काम करते हैं. अब भारत के फेमस कॉमेडियन को तो आप सभी अच्छे से जानते हैं लेकिन आज हम आपको उन कॉमेडियन की खुबसुरत बीवियों से मिलाने जा रहे हैं.

अली असगर और सिद्दीका असगर


अली असगर मनोरंजन की दुनियां के जाने माने कॉमेडियन हैं. ये कई फिल्मों में अपनी बढ़िया कॉमिक टाइमिंग से लोगो को गुदगुदा चुके हैं. कपिल के शो में ‘दादी’ बनकर इन्होने बहुत लोकप्रियता हासिल की थी. अली के हर काम में उनकी खुबसुरत बीवी सिद्दीका असगर सपोर्ट करती हैं. दोनों की शादी साल 2005 में हुई थी.

कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह


कृष्णा अभिषेक फिल्म और टीवी दोनों ही जगह अपनी कॉमेडी से लोगो का मनोरंजन करते हैं. वर्तमान में वे कपिल के शो में एक नंबर कॉमेडी कर रहे हैं. कृष्णा ने साल 2003 में कश्मीरा शाह से शादी रचाई थी. दोनों की जोड़ी साथ में बहुत अच्छी लगती हैं.

किकु शारदा और प्रियंका शारदा


कपिल के शो में पलक और बच्चा यादव बन घर घर फेमस हुए कॉमेडियन किकु शारदा ने साल 2003 में प्रियंका शारदा संग ब्याह रचाया था. ये दोनों नच बलिए सीजन 6 में भी साथ नजर आए थे. किकु की तरह उनकी बीवी प्रियंका भी बड़ी क्यूट हैं.

सुनील ग्रोवर और आरती ग्रोवर


सुनील को भारत का सबसे मंजा हुआ कॉमेडियन कहे तो गलत नहीं होगा. कपिल के शो पर गुत्थी और डॉक्टर गुलाटी का किरदार निभाने वाले सुनील हर किसी के फेवरेट हैं. वे फिल्मों में भी काम कर चुके हैं. सुनील ने एक बार बताया था कि जोक बनाने के बाद सबसे पहेल मैं उसे बीवी आरती के ऊपर ट्राई करता हूँ. यदि वो हंसती हैं तो मैं उस जोक को आगे इस्तेमाल करता हूँ.

चंदन प्रभाकर और नंदिनी खन्ना


कपिल के शो में चाय वाले की भूमिका निभा फेमस हुए चंदन प्रभाकर ने साल 2015 में नंदिनी खन्ना से शादी रचाई थी. बहुत कम लोग ये जानते हैं कि चंदन पंजाब फिल्म इंडस्ट्री में डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर हुआ करते थे.

कपिल शर्मा और गिन्नी चतरथ


कपिल शर्मा वर्तमान में भारत के नम्बर 1 कॉमेडियन हैं. इनका शो बहुत टीआरपी बटोरता हैं. कपिल ने अपनी कॉलेज फ्रेंड गिन्नी चतरथ से 2018 में शादी रचाई थी. हाल ही में वे एक प्यारी बेटी के पिता भी बने हैं.

राजू श्रीवास्तव और शिखा श्रीवास्तव


राजू को हम देश का पहला सुपरस्टार कॉमेडियन कह सकते हैं. जब बाजार में बहुत से स्टैंडअप कॉमेडियन थे भी नहीं उसके पहेल से राजू ये काम करते आ रहे हैं. राजू की बीवी का नाम शिखा श्रीवास्तव हैं. दोनों के इस शादी से आयुष्मान और अनीता नाम के बच्चे भी हैं.

सुनील पाल और सरिता पाल


सुनील तब लाइम लाइट में आए थे जब उन्होंने द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज जीता था. इसके बाद कुछ साल वे बहुत पॉपुलर रहे थे. फिलहाल उनका इतना नाम नहीं हैं. सुनील ने सरिता पाल नाम की महिला से शादी रचाई हैं. इनके दो बेटे प्रबल और सरल हैं.

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

30 रुपए का यह कार्ड बनवा कर आप करवा सकते हैं कोरोना का इलाज फ्री में.

दोस्तों जैसा कि आपको पता है विश्व भर में कोरोना की महामारी फैली हुई है इसी के चलते बार सरकार ने भी कोरोला का इलाज करने के लिए कई प्रकार की सरकारी सहायता चला दी है और आप आयुष्मान गोल्डन कार्ड के तहत भी अपना इलाज फ्री में किसी भी हॉस्पिटल में करवा सकेंगे यह बातें भी सरकार की तरफ से बताई जा चुकी है कि आप कैसे आयुष्मान भारत कार्ड का इस्तेमाल करके अपना इलाज करवा सकते हैं और अगर आपको इस कार्ड के बारे में नहीं जानकारी हैं तो हम आपको बता दे की भारत सरकार द्वारा चलाई गई आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 2018 से ही प्रारंभ हो चुकी है और इसमें अभी तक 7000000 से ज्यादा लोगों का इलाज किया जा चुका है.
आयुष्मान भारत योजना के तहत भारत की हर राज्य में गरीब लोगों का इलाज फ्री में किया जा रहा है इसके लिए आपको मात्र ₹30 लगाकर आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाना होता है जिसे आप किसी भी मेडिकल में इस्तेमाल कर सकते हैं और अपना इलाज करवा सकते हैं.


कैसे बनेगा आयुष्मान भारत कार्ड.

सरकार के द्वारा दी गई वेबसाइट पर जाकर आ तू अपने आयुष्मान कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं और आप कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपने आवेदन को सिर्फ ₹30 में आयुष्मान गोल्डन कार्ड में रजिस्टर करवा सकते हैं जिसमें आपको ₹500000 तक का मेडिकल बीमा मिलता है जिसके तहत आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर अपना किसी भी बीमारी का इलाज करवा सकते हैं और अपने आयुष्मान गोल्डन कार्ड के तहत फ्री में इलाज करवा सकते हैं आप कोरोनावायरस का इलाज भी इस सचिन के अंतर्गत करवा सकेंगे सिर्फ आपके पास आयुष्मान कार्ड होना ही आवश्यक है.
ऐसी ही जानकारी और भी पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो जरूर करें धन्यवाद.



शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

Happy birthday gift


Wishing You Happy Birth Day













































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Happy Birth Day

Wishing You

Happy Birth Day

Chand Apni Chandni De Apko Gulab Apni Khusboo De Apko
Hum To Bas Yahi Mangte Hai Har Dua Me Khuda Har Khusi De Apko.
Khuda Se Ye Dua Hai Hamari, Umar Lag Jaye Apko Hamari,
Khush Raho Sada Aap Or Umar Lambi Ho Tumhari.
LOVE YOU


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रविवार, 12 अप्रैल 2020

कोरोना पॉजिटिव 1061 लोगों को तीन-तीन दी गई यह दवाई और 92% लोग हो गए ठीक.

जैसा कि आपको पता है कोरोनावायरस का संक्रमण दुनिया भर में फैल चुका है और इसी के चलते अलग-अलग मेडिकल संस्थानों में लोगों पर अलग अलग प्रकार से दवाइयों को देकर एक्सपेरिमेंट भी किए जा रहे हैं जिनसे यह पता लग सके कि आखिरकार कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने में कौन सी दवाई कारगर सिद्ध होती है इसी के चलते अब खबर आई है पर इससे जहां पर 1061 लोगों पर अध्ययन कर के पता लगाया गया है कि कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कौन सी दवाई कारगर सिद्ध होती है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन से 92% मरीज हो गए ठीक.
जैसा कि आपको पता है अमेरिका भारत में बनाई जा रही हाइड्रो क्लोरो क्वीन दवाई को लेने के लिए बार-बार प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगा रहा है और उनका इस दवाई को लेकर इतना गिड़गिड़ाना गलत भी नहीं है क्योंकि हाल ही में हुए शोध में यह साफ हो गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन से कोरोनावायरस के मरीज 3 दिन में ही स्वस्थ हो गए पेरिस में हुए 1061 लोगों पर अध्ययन में कोरोनावायरस के मरीजों को यह दोनों दवाई 3 दिन तक दी गई और 973 मरीज 3 दिन के अंदर पूरी तरह से ठीक हो गए और बचे हुए लोग भी 98% तक ठीक हो गए.


59655 लोगों पर इस दवाई का एक और अध्ययन कराया गया जिसमें 38617 मरीजों की कोविड-19 की जांच कराई गई तो उनमें से 3165 मरीज कोरोनक पोजिटिव पाए गए जो 39 से 65 वर्ष के बीच की आयु के थे.
हाल ही में यह दवाई भारत से कई देशों वे निर्यात की जा रही है जिससे विश्व भर में फैले कोरोनावायरस के संकट से लड़ने के लिए भारत द्वारा दूसरे देशों की सहायता की जा सके भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार भारत में इन दवाइयों की भरपूर मात्रा में स्टॉक मौजूद है जो भारत के साथ-साथ अन्य कई देशों की भी सहायता कर सकती है.
स्वास्थ्य संबंधित ऐसी जानकारी और भी पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो जरूर करें धन्यवाद.

रविवार, 5 अप्रैल 2020

यह है वह दवाई जिसे कोरोना से लड़ने के लिए अमेरिका ने भारत से लेने का किया है अनुरोध.

जैसा कि आपको पता है विश्वभर में कोरोनावायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है चीन इटली के बाद अब यूएसए कोरोनावायरस का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है विश्व भर में 10 लाख से अधिक कोरोनावायरस के संक्रमित लोगों की संख्या हो चुकी है जिनमें से दो लाख से ज्यादा लोग सिर्फ यूएसए से हैं और भारत में भी कोरोनावायरस का संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 4000 के नजदीक हो चुकी है जिनमें से 400 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण से राहत मिल चुकी है और जिनमें से 80 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है इसी के चलते अमेरिका ने कोरोनावायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए भारत से कुछ दवाइयों की उपलब्धता को लेकर अनुरोध किया है.
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए एक दवाई के लिए अनुरोध किया है वह वायरस के संक्रमण में काफी कारगर सिद्ध हुई है डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वह कोरोनावायरस से लड़ने के लिए उनकी सहायता चाहते हैं और उन्होंने अनुरोध किया कि सभी कंट्रीयों को मिलकर कोरोनावायरस जैसी घातक बीमारी का सामना करना चाहिए और जितना हो सके मेडिकल सहायता एक दूसरे को करनी चाहिए ताकि हम इंसानियत के साथ साथ हैं अपने कर्तव्य भी निभा सकें और कम से कम मानवीय हनी हो.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से जो दवाई मांगने का अनुरोध किया है वह मलेरिया में प्रयोग की जाने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरो कवीन है जो मलेरिया और डेंगू में प्रयोग की जाती है यह एक एंटीवायरल दवाई है जो मच्छर में पाए जाने वाले वायरस को नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है मलेरिया का वायरस है इसी दवाई के माध्यम से नष्ट किया जाता है और यह दवाई सारस टू बी वायरस को नष्ट करने में भी प्रयोग की जाती है इसीलिए कोरोनावायरस को नष्ट करने के लिए भी यह दवाई काफी लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि कोरोनावायरस कोविड-19 भी सारस टू बी जैसा वायरस है.

यह दवाई अमेरिका में कम प्रयोग की जाती है क्योंकि वहां पर मलेरिया के पेशेंट बहुत कम पाए जाते हैं इसलिए अमेरिका में इस दवाई का स्टॉक नहीं है और यह दवाई भारत में ज्यादा प्रयोग की जाती है क्योंकि मलेरिया के पेशेंट यहां पर हर साल बहुत ज्यादा तादात में होते हैं इसलिए यहां पर यह स्टॉक भरपूर मात्रा में है.
अमेरिका ने पहले भी भारत को यह दवाई मुहैया कराने के लिए आर्डर कर रखे हैं परंतु पिछले दिनों भारत सरकार ने इस दवाई के निर्यात पर रोक लगा दी थी ताकि भारत को इस दवाई की कमी ना जेली पड़े इसलिए इस दवाई का निर्यात बंद कर दिया गया है और अब राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से इसी दवाई को लेकर चर्चा की है कि वह अमेरिका के पुराने ऑर्डर को ही पूरा करवा दे ताकि अमेरिका के व्यक्तियों की जान बच सकें और डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को दवाई मुहैया कराने के लिए आभार भी प्रकट किया है.

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

महाभारत के युद्ध में मृत शरीरों के साथ किया जाता था यह काम जानकर चौंक जाएंगे आप.

दोस्तों स्वागत है आपका हमारे चैनल न्यूज़ पीके पर अगर आप हमारे चैनल पर पहली बार आए हैं तो फॉलो जरूर कर ले
महाभारत युद्ध विश्व में सबसे बड़े युद्ध में से एक है आपको जानकर यह बहुत आश्चर्य होगा कि आखिरकार महाभारत के युद्ध के पश्चात वीरगति को प्राप्त हुए योद्धाओं, के शरीर साथ क्या किया जाता था.
अगर आपके मन में यह सवाल उठाते हैं कि उस समय में जब युद्ध होता था तो मृत शरीरों के साथ क्या किया जाता था तो आज हम आपको बताने वाले हैं आज का युग चाहे कितना भी टेक्नोलॉजी और ऐसो आराम कहो क्यों ना गया हो परंतु आज का समाज अपनी मर्यादाओं को भूलकर अपने ऐशो आराम की जिंदगी में भी लिप्त है परंतु पुराने समय में महाभारत जैसे बड़े युद्ध में भी परंपराओं को संभाल कर रखा गया था अपनी मर्यादाओं को साथ लेकर ही युद्ध लड़ा गया था आज हम आपको बताने वाले हैं वीरगति को प्राप्त हुए उन योद्धाओं के साथ क्या होता था

सनातन परंपराओं के अनुसार मृत शरीर को पंचतत्व में विलीन करने के लिए अग्नि दी जाती है इसी प्रकार पुराने समय चली आ रही है महाभारत के काल में भी जो योद्धा वीरगति को प्राप्त हो जाता उसके शरीर को भी पंचतत्व में विलीन किया जाता था युद्ध खत्म होने के पश्चात हैं मृत शरीरों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाता था और महाभारत का युद्ध सूर्य अस्त होने के पश्चात समाप्त हो जाता था जिसके बावजूद ही मृत शरीरों को अपनी अपनी सेनाओं के द्वारा किया जाता था उनका दाह संस्कार पूरी रीती रिवाज से किया जाता था.
महाभारत का युद्ध बहुत करूर युद्धों में से एक है, परंतु इसके बावजूद भी उस समय भी मर्यादाओं को निभाया गया था और युद्ध के पश्चात या युद्ध के दौरान किसी भी मृत शरीर के साथ क्रूरता नहीं की गई और प्रत्येक मृत्यु दा को सम्मान दिया गया था.
के समय में भी युद्ध देश और राज्यों के बीच होते ही रहते हैं परंतु ऐसी मानवता अब देखने को नहीं मिलती जो पुराने समय में युद्ध के दौरान निभाई जाती थी.
ऐसी ही जानकारी और भी पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो जरूर करें धन्यवाद

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