जैसा कि आपको पता है विश्वभर में कोरोनावायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है चीन इटली के बाद अब यूएसए कोरोनावायरस का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है विश्व भर में 10 लाख से अधिक कोरोनावायरस के संक्रमित लोगों की संख्या हो चुकी है जिनमें से दो लाख से ज्यादा लोग सिर्फ यूएसए से हैं और भारत में भी कोरोनावायरस का संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 4000 के नजदीक हो चुकी है जिनमें से 400 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण से राहत मिल चुकी है और जिनमें से 80 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है इसी के चलते अमेरिका ने कोरोनावायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए भारत से कुछ दवाइयों की उपलब्धता को लेकर अनुरोध किया है.
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए एक दवाई के लिए अनुरोध किया है वह वायरस के संक्रमण में काफी कारगर सिद्ध हुई है डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वह कोरोनावायरस से लड़ने के लिए उनकी सहायता चाहते हैं और उन्होंने अनुरोध किया कि सभी कंट्रीयों को मिलकर कोरोनावायरस जैसी घातक बीमारी का सामना करना चाहिए और जितना हो सके मेडिकल सहायता एक दूसरे को करनी चाहिए ताकि हम इंसानियत के साथ साथ हैं अपने कर्तव्य भी निभा सकें और कम से कम मानवीय हनी हो.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से जो दवाई मांगने का अनुरोध किया है वह मलेरिया में प्रयोग की जाने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरो कवीन है जो मलेरिया और डेंगू में प्रयोग की जाती है यह एक एंटीवायरल दवाई है जो मच्छर में पाए जाने वाले वायरस को नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है मलेरिया का वायरस है इसी दवाई के माध्यम से नष्ट किया जाता है और यह दवाई सारस टू बी वायरस को नष्ट करने में भी प्रयोग की जाती है इसीलिए कोरोनावायरस को नष्ट करने के लिए भी यह दवाई काफी लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि कोरोनावायरस कोविड-19 भी सारस टू बी जैसा वायरस है.
यह दवाई अमेरिका में कम प्रयोग की जाती है क्योंकि वहां पर मलेरिया के पेशेंट बहुत कम पाए जाते हैं इसलिए अमेरिका में इस दवाई का स्टॉक नहीं है और यह दवाई भारत में ज्यादा प्रयोग की जाती है क्योंकि मलेरिया के पेशेंट यहां पर हर साल बहुत ज्यादा तादात में होते हैं इसलिए यहां पर यह स्टॉक भरपूर मात्रा में है.
अमेरिका ने पहले भी भारत को यह दवाई मुहैया कराने के लिए आर्डर कर रखे हैं परंतु पिछले दिनों भारत सरकार ने इस दवाई के निर्यात पर रोक लगा दी थी ताकि भारत को इस दवाई की कमी ना जेली पड़े इसलिए इस दवाई का निर्यात बंद कर दिया गया है और अब राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से इसी दवाई को लेकर चर्चा की है कि वह अमेरिका के पुराने ऑर्डर को ही पूरा करवा दे ताकि अमेरिका के व्यक्तियों की जान बच सकें और डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को दवाई मुहैया कराने के लिए आभार भी प्रकट किया है.

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