Ads

रविवार, 26 अप्रैल 2020

कोरोना संकट में देशवासियों से PM मोदी के 'मन की बात'! पढ़ें, 11 बड़ी बातें.

 महामारी और लॉकडाउन के दौरान मन की बात में पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता की तारीफ की. उन्होंने कई अहम बातें की, आपको मुख्य 11 बातों को अवश्य जानना चाहिए.
कोरोना के संकट काल के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बार फिर मन की बात की. इस दौरान उन्होंने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की आपको ऐसे ही 11 बड़ी बातों से रूबरू करवाते हैं.


1- कोरोना के खिलाफ एक लक्ष्य, एक दिशा में पूरा देश एक साथ
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई सही मायने में people driven है. भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई जनता लड़ रही है, आप लड़ रहे हैं, जनता के साथ मिलकर शासन, प्रशासन लड़ रहा है."
"हम भाग्यशाली  हैं कि आज पूरा देश, देश का हर नागरिक, जन-जन इस लड़ाई का सिपाही है और लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है. आज पूरा देश, एक लक्ष्य, एक दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है. ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीज़ों ने जिन भावनाओं को जन्म दिया. जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ-न-कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है."
2- PM मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई का मंत्र बताया
उन्होंने कहा "हमारे किसान भाई-बहन को ही देखिये - वो इस महामारी के बीच अपने खेतों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और इस बात की भी चिंता कर रहे हैं कि देश में कोई भूखा ना सोये."
"दूसरों की मदद के लिए, अपने भीतर, हृदय के किसी कोने में, जो ये उमड़ता-घुमड़ता भाव है ना! वही कोरोना के खिलाफ, भारत की इस लड़ाई को ताकत दे रहा है."
3- कोरोना महामारी ने पूरे देश को एक धागे में पिरोया
पीएम ने बोला कि "चाहे करोड़ों लोगों का gas subsidy छोड़ना हो, लाखों senior citizen कर railway subsidy छोड़ना हो, स्वच्छ भारत अभियान का नेतृत्व लेना हो, toilet बनाने हो, ऐसी अनगिनत बातें है. इन सारी बातों से पता चलता है कि हम सबको एक मन-एक धागे से पिरो दिया है.ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीज़ों ने जिन भावनाओं को जन्म दिया. जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ-न-कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है."
"हर मुश्किल हालात, हर लड़ाई, कुछ-न-कुछ सबक देती है, कुछ-नकुछ सिखा करके जाती है, सीख देती है. सब देशवासियों ने जो संकल्प शक्ति दिखाई है, उससे, भारत में एक नए बदलाव की शुरुआत भी हुई है."
4- हर कोई, तेजी से नए तकनीकी बदलावों की तरफ बढ़ रहा
नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे business, हमारे दफ्तर, हमारे शिक्षण संस्थान, हमारे medical sector, हर कोई, तेजी से नए तकनीकी बदलावों की तरफ बढ़ रहे हैं. Technology के front पर तो वाकई ऐसा लग रहा है कि देश का हर innovator नई परिस्थितियों के मुताबिक कुछ-न-कुछ नया निर्माण कर रहा है."
"जब देश एक team बन करके काम करता है, तब क्या कुछ होता है - ये हम अनुभव कर रहे हैं. आज केंद्र सरकार हो, राज्य सरकार हो, इनका हर विभाग और संस्थान राहत के लिए मिल-जुल करके पूरी speed में काम रहे हैं."
5- स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारें निभा रही अपनी जिम्मेदारी
उन्होंने ये भी बोला कि "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत, गरीबों के अकाउंट में पैसे सीधे ट्रान्सफर किए जा रहे हैं. वृद्धावस्था पेंशन जारी की गई है. गरीबों को तीन महीने के मुफ्त गैस सिलेंडर, राशन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं."
"हमारे देश की राज्य सरकारों की भी इस बात के लिए प्रशंसा करूंगा कि वो इस महामारी से निपटने में बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारें जो अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, उसकी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ी भूमिका है."
6- कोरोना वॉरियर्स के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पीएम ने कहा, ''देशभर से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने अभी हाल ही में जो अध्यादेश लाया गया है, उस पर अपना संतोष व्यक्त किया है. इस अध्यादेश में कोरोना वॉरियर्स के साथ हिंसा, उत्पीड़न और उन्हें किसी रूप में चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.''
"डॉक्टर हों, सफाईकर्मी हों, अन्य सेवा करने वाले लोग हों - इतना ही नहीं, हमारी पुलिस व्यवस्था को लेकर भी आम लोगों की सोच में काफी बदलाव हुआ है."
"आज कल सोशल मीडिया में हम सब लोग लगातार देख रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान, लोग अपने इन साथियों को न सिर्फ याद कर रहे हैं, उनकी जरूरतों को ध्यान रख रहे हैं, बल्कि इनके बारे में बहुत सम्मान से लिख भी रहे हैं."
7- पीएम मोदी ने प्रकृति, विकृति और संस्कृति को समझाया
प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि "हम अक्सर सुनते हैं- प्रकृति, विकृति और संस्कृति... इन शब्दों को एक साथ देखें और इसके पीछे के भाव देखें तो आपको जीवन को समझने का भी एक नया द्वार खुलता हुआ दिखेगा. इन दोनों से परे, प्रकृति और विकृति से ऊपर, जब कोई संस्कारित-मन सोचता है या व्यवाहर करता है तो हमें संकृति नजर आती है. खुद की चिंता छोड़कर, अपने हक़ के हिस्से को बाँट करके किसी दूसरे की जरूरत को पूरा करने ही संस्कृति है."
''संकट की इस घड़ी में, दुनिया के लिए भी, समृद्ध देशों के लिए भी, दवाईयों का संकट बहुत ज्यादा रहा है. अगर भारत दुनिया को दवाईयां न भी दे तो कोई भारत को दोषी नहीं मानता. लेकिन भारत ने प्रकृति, विकृति की सोच से परे होकर फैसला लिया. भारत ने अपने संस्कृति के अनुरूप फैसला लिया.''
8- हजारों वर्ष पुराने, हमारे आयुर्वेद के सिद्धांतों को भी विश्व स्वीकारेगा
उन्होंने बताया कि "हमने विश्व के हर जरूरतमंद तक दवाइयों को पहुंचाने का बीड़ा उठाया और मानवता के इस काम को करके दिखाया. आज जब मेरी अनेक देशों के राष्ट्रध्यक्षों से बात होती है तो वो भारत की जनता का आभार जरूर व्यक्त करते हैं."
"कई बार हम अपनी ही शक्तियों और समृद्ध परम्परा को पहचानने से इनकार कर देते हैं लेकिन जब विश्व का कोई दूसरा देश evidence based research का आधार पर वही बात करता है तो हम उसे हाथों-हाथ ले लेते हैं. इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण - सैकड़ों वर्षों की हमारी गुलामी का कालखंड रहा है."
पीएम ने बोला कि जैसे विश्व ने योग को सहर्ष स्वीकार किया है वैसे ही, हजारों वर्ष पुराने, हमारे आयुर्वेद के सिद्धांतों को भी विश्व अवश्य स्वीकार करेगा. 
9- थूकना मना है: अब मास्क सभ्य समाज का प्रतीक बन जाएगा
पीएम मोदी ने कोरोना से बचने के लिए एक बार फिर गमछा इस्तेमाल की सलाह दी. नरेंद्र मोदी ने कहा, "कोरोना की वजह से बदलते हुए हालत में मास्क भी हमारे जीवन का हिस्सा बन रहा है. वैसे हमें इसकी आदत कभी नहीं रही कि हमारे आस-पास के बहुत सारे लोग मास्क में दिखें, लेकिन अब हो यही रहा है. इसका ये मतलब नहीं है कि जो मास्क लागाते हैं वे सभी बीमार हैं."
"हमारे समाज में एक और बड़ी जागरूकता ये आयी है कि अब सभी लोग ये समझ रहे हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के क्या नुकसान हो सकते हैं. अब वो समय आ गया है कि इस बुरी आदत को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए."
10- अक्षय तृतीया का यह पर्व दान की शक्ति यानि Power of Giving
पीएम ने कहा कि "आज जब आपसे मैं मन की बात कर रहा हूं तो अक्षय तृतीया का पवित्र पर्व भी है. साथियों, 'क्षय' का अर्थ होता है विनाश लेकिन जो कभी नष्ट नहीं हो, जो कभी समाप्त नहीं हो वो 'अक्षय' है. अपने घरों में हम सब इस पर्व को हर साल मानाते हैं लेकिन इस साल हमारे लिए इसका विशेष महत्व है. क्या आप जानते हैं कि अक्षय तृतीया का यह पर्व दान की शक्ति यानि Power of Giving का भी एक अवसर होता है. हम हृदय की भावना से जो कुछ भी देते हैं, वास्तव में महत्व उसी का होता है. संकट के में हमारा छोटा सा प्रयास हमारे आप-पास के बहुत से लोगों के लिए बहुत बड़ा संबल बन सकता है."
"जैन परम्परा में भी यह बहुत पवित्र दिन है क्योंकि पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जीवन का यह एक महत्वपूर्ण दिन रहा है, ऐसे में जैन समाज इसे एक पर्व के रूप में मनाता है."
11- पीएम मोदी ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी
मन की बात में पीएम मोदी ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी. "रमजान का भी पवित्र महीना शुरू हो चुका है. अब जब पूरे विश्व में ये मुसीबत आ ही गई है तो हमारे सामने अवसर है, इस रमजान को संयम, सद्भाव, संवेदनशीलता और सेवा-भाव का प्रतीक बनाएं. मुझे विश्वास है कि रमजान के इन दिनों में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निदेर्शों का पालन करते हुए कोरोना के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को हम मजबूत करेंगे. सड़कों, बाजारों, मोहल्लों में physical distancing के नियमों का पालन अभी बहुत आवश्यक है."
"मैं आपसे आग्रह करूंगा- हम कतई अति आत्मविश्वास में न फंस जाएं. हम ऐसा विचार न पाल लें कि हमारे शहर, गांव, गली, दफ्तर में अभी तक कोरोना पहुंचा नहीं है, इसलिए अब पहुंचने वाला नहीं है. देखिए ऐसी गलती कभी मत पालना, दुनिया का अनुभव हमें बहुत कुछ कह रहा है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

pay me

https://rzp.io/l/K4lVf0n85 https://rzp.io/l/K4lVf0n85