कोरोनावायरस के नए लक्षण
अभी तक बताया जा रहा था कि कोरोना वायरस के संक्रमण के 3 मुख्य संभावित लक्षण हो सकते हैं। खांसी- बुखार और सांस लेने में दिक्कतें। भारत सरकार के आरोग्य सेतु ऐप पर भी यही लक्षण मूल रूप से बताए गए हैं। लेकिन, अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मावनीय सेवा विभाग के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की ओर से अपनी वेबसाइट पर अब इनमें 6 और संभावित लक्षणों को जोड़ा गया है। जाहिर है कि ऐसा इसलिए करना पड़ा है, क्योंकि कोरोना वायरस जितनी तेजी से परिवर्तन होने वाला वायरस नजर आ रहा है, उसके लक्षण भी उतने ही ज्यादा तेजी से बढ़ते जा रहे हैं; और सबसे बड़ी बात ये है कि सारे लक्षण इतने सामान्य से हैं, जो कई साधारण बीमारियों में भी दिखाई पड़ते हैं। इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर कोरोना वायरस के संक्रमितों का पता लगाना नामुमकिन है और टेस्टिंग ही इसका एकमात्र विकल्प है। आइए जानते हैं कि डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानि सीडीसी ने किन 6 नए लक्षणों को अपनी वेबसाइट पर शामिल किया है।![]() |
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सीडीसी ने कोविड-19 के अब कुल 9 लक्षण बताए
कोरोना वायरस के अब तक तीन तरह के मूल लक्षण ही बताए जा रहे थे।सर्दी-खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ। लेकिन, इसकी फेहरिस्त अब लंबी कर दी गई है। अमेरिका के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अब लक्षणों की इस लिस्ट को बढ़ाकर कुल 9 लक्षण कर लिए हैं। यानि इस लिस्ट में 6 और लक्षणों को शामिल किया गया है। मतलब अगर अब किसी में इन 9 लक्षणों में से कोई भी लक्षण होता है तो वह नोवल कोरोना वायरस से भी संक्रमित हो सकता है। यानि कोरोना वायरस से संक्रमित शख्स में इन 9 में से कोई भी लक्षण हो सकता है या एक से ज्यादा लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन, यहां यह भी स्पष्ट कर देना जरूरी है कि ये सारे लक्षण और रोगों की ओर भी इशारा कर सकता है। आइए जानते हैं कि सीडीसी ने जो 6 नए लक्षण अपनी वेबसाइड पर डाले हैं वो कौन से हैं।
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सीडीसी ने ये 6 नए लक्षण जोड़े हैं
डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कोविड-19 के लक्षणों की लिस्ट में जो 6 नए संभावित लक्षण बताए हैं, वो हैं- ठंड लगना, ठंड के साथ कंपकंपी, मांसपेशियों में दर्द, सरदर्द, गले में खरास और स्वाद या गंध का पता न लग पाना। लेकिन, सवाल उठता है कि क्या इस तरह के लक्षण इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि संबंधित शख्स कोविड-19 से संक्रमित है तो जवाब है नहीं। ये सारे लक्षण इंफ्लुएंजा, आरएसवी या रेसपिरेटरी सिंसायटिअल वायरस अथवा कुछ और सांस संबंधी वायरल इंफेक्शन में भी दिखाई देते हैं। इसलिए टेस्ट से ही पता चल सकता है कि इस तरह के लक्षण के कारण क्या हैं। यही नहीं शोध में ये भी सामने आया है कि इस तरह के लक्षणों वाले काफी संख्या में मरीज ऐसे भी सामने आए हैं, जो एक साथ कोविड-19 और दूसरी सांस से जुड़ी बीमारियों के संक्रण से भी पीड़ित थे। अगर इसको दूसरे शब्दों में कहा जाए कि अगर एक शख्स को कोई और सांस से जुड़ा वायरल इंफेक्शन है तो भी वह कोरोना वायरस से भी संक्रमित हो सकता है।
टेस्टिंग ही आखिरी विकल्प
असमंजस में पड़ने की जरूरत नहीं है। एक रिपोर्ट ये बताती है कि कोविड-19 के संक्रमितों की पहचान के लिए केवल खांसी-बुखार और सांस में तकलीफ वाले लोगों को ही तलाशने से काम नहीं चलेगा। जितना बड़ा दायरा इस बीमारी का है, समय के साथ उतना ही इसके लक्षणों का भी दायरा विशाल होता जा रहा है। मतलब एक्सपर्ट को भी लगने लगा है कि इस वायरस की परिवर्तनशीलता की तरह ही इसका लक्षण भी परिवर्तनशील हो सकता है। यानि सीडीसी की ताजा लिस्ट भी संभवत: संपूर्ण नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉबर्ट ग्लैटर जैसे एक्सपर्ट लिख चुके हैं कि पेट दर्द और डायरिया भी कोविड-19 का पहला लक्षण हो सकता है। कुछ ने आंखों के लक्षणों के बारे में भी बात की है। कुल मिलाकर कोविंड-19 के लक्षणों का सबसे बड़ा संकट यही है कि इसका कोई भी लक्षण स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी पहचान के लिए टेस्टिंग ही आखिरी और भरोसेमंद विकल्प रह जाता है.


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